Train accident: खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे यात्री उन्हें क्या पता था कि अचानक यह दुर्घटना आ जाएगी..?

 

बिहार ट्रेन एक्सीडेंट अपडेट न्यूज़


अचानक तेज और ठंडी हवा ने लोगों को दहला दिया और लोगों की आंखों से नींद गायब कर दी क्योंकि उसे समय सोने का टाइम था लेकिन लोगों को कुछ अनहोनी होने की आशंका हो रही थी और अचानक से पता चला की ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है तब वहां का वातावरण इस प्रकार हो गया था कि आप सोच भी नहीं सकते हैं वहां पर चारों तरफ अफरैद अफ्रीकी माहौल छा गई और लोगों के आंखों के नीचे अंधेरे छा गए लोगों पर अपने एक दूसरे के पैरों के तले कुछ ले जा रहे थे और भीड़ में चीख पुकार की आवाज में सुनाई दे रही थी और वहां पर मानवता क्या होती है और इंसानियत क्या होता है देखने को मिला जब दुर्घटना स्थल के आसपास के गांव वाले दौड़ते हफ्ते आए लोगों की मदद करने तब वहां पर मानवता देखी गई



रात खान हो गई थी और लगभग 9:45 हो चुकी थी और इस समय लोगों को खाना खाने की जो आदत है मैक्सिमम लोग इसी टाइम खाना खाते हैं तो आप कहीं भी हो चाहे ट्रेन पर हो या हवाई यात्रा में लोग इसी समय खाना खाते हैं और ऐसा ही हुआ एक्सप्रेस में बैठे सवार यात्रियों के साथ लोग उसे समय खाना खा चुके थे और बैटरी कमी सभी को खाना परोस दिया था सभी लोग खा चुके थे और लोग अब सोने जाने की तैयारी कर रहे थे और कई लोगों ने तो चादर तान भी लिया था और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस अपनी तेज रफ्तार से पटरी पर दौड़ती जा रही थी अचानक से तेज आवाज में सभी को दहला दिया और लोगों को कुछ आशंका हुई कि कुछ अनहोनी तो हुआ है और लोगों की नींद गायब कर दिए और लोगों के आंखों के नीचे अंधेरा छाने लगा और लोगों मे अफरा तफरी का माहौल छा गया लोगों के चिक  पुकार सुनाई देने लगे और

इतने में यात्री कुछ सोचते विचारते की लोगों में दौड़ भाग की माहौल छा गई और लोगों के अपने कहां किस बोगी में पलट कर गिर गए हैं यह भी पता नहीं चला क्योंकि जो एक्सप्रेस अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी अचानक से दुर्घटनाग्रस्त हो गई और ट्रेन की जो बोगी है वह पटरी से उतर चुकी थी और एक एसी बोगी की ऐसी हालत हो गई थी कि वह डाउन लाइन से आप लाइन हो गई थी और बिल्कुल ही बुरी तरह से या दुर्घटना हुआ है


यह घटना रघुनाथपुर स्टेशन  के पश्चिम गुमटी के पास हुआ था क्योंकि देर रात हो गई थी तो बाजार भी बंद होने लगी थी और लोगों का अभागमन भी बहुत कम हो चुका था क्योंकि लगभग 9:45 बजे तक लोग अपने-अपने घर चले जाते हैं दुकान वगैरा बंद करके लेकिन दुर्घटना की खबरें चारों तरफ आज की तरफ फैल गई और वहां के आसपास के लोग आसपास के गांव के लोग दौड़ते हफ्ते हुए मदद के लिए आ पहुंचे और लोगों की की जान देकर मदद कर रहे थे और यहां पर मानवता क्या होती है समाज क्या होता है और इंसानियत क्या होती है वहां पर दिखाई दे रहा था और वहां पर स्थानीय प्रशासन और रेल कर्मी भी वहां पर मदद के लिए आ चुके थे जैसे ही यह खबर पहुंची कि वहां पर ट्रेन एक्सीडेंट हुआ है लोगों मदद करने के लिए दौड़ते भागते हुए आए और ग्रामीणों ने भी पूरी की जान से मदद की|

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