आपने तो अक्सर सुनाई होगा की बेटियां दुर्गा का रूप होती है और साथ ही साथ लक्ष्मी और सरस्वती भी होती है क्योंकि लक्ष्मी तो हमारे भारत में हिंदू समाज में लड़कियों को कहते हैं और दुर्गा वह इसलिए होती है क्योंकि अपने परिवार के सारे दुखों को अपना समझती है और उसे जहां तक हो सकता है दूर करने की कोशिश करती है
ज्यादा घूमने वाले नहीं है सीधा मुद्दे पर आते हैं झारखंड की राजधानी रांची में दिखाया गया है लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी का शक्ति रूप रोहिणी को शक्ति रूप में दिखाया गया है इसलिए क्योंकि शायद आपको पता ही होगा कि लालू प्रसाद यादव की पहले से ही बहुत सारी बीमारियां थी शुगर और भी कई सारी बीमारियां थी और फिर उनकी किडनी भी डैमेज हो गई थी उसके बाद उनकी बेटी रोहिणी ने उन्हे किडनी दिया है यानी कि अपने पिता को किडनी दान किया है और यही किडनी ट्रांसप्लांट का चित्र का वर्णन किया है एक पंडाल में रांची के उसे पंडाल का नाम है नामकुम नामकुम पंडाल में ही यह चित्र दिखाया गया है
इसके साथ ही लालू प्रसाद यादव को गरीबों का मसीहा बताया गया है लालू प्रसाद यादव और रोहिणी सहित पांच पुतले बनाए गए हैं और उन्हें मंच पर रखा गया है पर्दे पर बैनर लगाया गया है जिसमें लालू प्रसाद यादव और रोहिणी का नाम लिखा हुआ है
दरअसल् पंडाल नामकुम रेलवे स्टेशन के पास जय माता दी क्लब के द्वारा लगाया गया है शुक्रवार को यहां पर लालू प्रसाद यादव और रोहिणी जी के पुतले बनाए गए और चित्र में ऐसा दर्शाया गया है जैसे कि रोहिणी जी और उनके पिता लालू प्रसाद यादव हॉस्पिटल के बेड पर लेटे हुए हैं और किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया चल रही है दोनों डॉक्टर के जो ब्लू वाले चादर होते हैं वह अपने ऊपर से डाले हुए हैं और बिल्कुल ऐसा सचित्र वर्णन किया गया है जैसे कि अस्पताल का नजारा है और ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि मैंने आपको पहले ही बता दिया कि रोहिणी जी ने अपने पिताजी को किडनी का ट्रांसप्लांट का जो समस्या था उसे खत्म कर दिया यानी की किडनी देकर अपने पिता की जान बचाई इसमें रोहिणी को शक्ति का रूप दिखाया गया है दुर्गा शक्ति का रूप
