इसराइल और फिलिस्तीन की लड़ाई आखिर किस चीज की लड़ाई है आखिर क्या वजह है लड़ाई की तो चलिए जानते हैं?
यह जो लाखों लोग नरसंहार हो रहे हैं रोज-रोज और जो यह इसराइल और फिलिस्तीन की लड़ाई हो रही है हजारों बम और हमले हो रहे हैं रॉकेट से आखिर यह किस चीज की लड़ाई है लोगों की मन में एक ही सवाल आ रहा है कि आखिर इतना बड़ा नरसंहार हो किस लिए रहा है आखिर आखिर क्या ऐसी वजह है जिसके लिए लोग रोज अपने परिवारों से कब बढ़ रहे हैं किसी को पता भी नहीं है और लोगों को इतनी तरह बुरी तरीके से मौत हो रही है लोग इतने बुरे तरीके से चक्की में पीछे जा रहे हैं इस लड़ाई के करण इसराइल और फिलिस्तीन में इतनी ज्यादा अस्त व्यस्त लोगों की जीवन हो चुकी है जिसका अंदाजा लगाना बहुत ही मुश्किल है
लेकिन मन में एक ही सवाल उठता है कि आखिर इसराइल और फिलिस्तीन का लड़ाई किस लिए है तो यह लड़ाई 35 एकड़ जमीन की है यह कहना भी गलत नहीं होगा और एक ऐसी जमीन जिसका जिक्र कुरान में बाइबिल में और यहूदियों के लिए भी यह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण जमीन है और यह सिर्फ जमीन 35 एकड़ के लिए नहीं बल्कि यह धर्म के के बीच की भी लड़ाई है लेकिन आखिर लोग एक धर्म बोल रहे हैं और वह इंसानियत का धर्म है लोगों का नरसंहार हो रहा है और बुरी तरह से हो रहा है वैसे तोतो एक 21वीं सदी चल रही है और लोगों को लगा था कि अब कोई ऐसा युद्ध नहीं होगा कोई आदिमानव काल में नहीं जाएगा कि लोग युद्ध करना शुरू कर देंगे लोगों का मानना था कि आप मानव बहुत ज्यादा बुद्धिमान हो चुका है और मानव अपना विकास की ओर ध्यान देगा लड़ाई झगड़े में आखिर रखा है क्या है लेकिन इस हमले को देखकर ऐसा नहीं लग रहा है कि मानव अभी बुद्धिमान हुआ है इधर रूस और यूक्रेन की युद्ध और अब इधर इसराइल और फिलिस्तीन की युद्ध यह सारे युद्ध को देखकर ऐसा लग रहा है कि मानव अभी भी इस जमाने में जिंदा है क्योंकि इस तरीके का नरसंहार बहुत ही दिल दहला देने वाला है
यह भी कहना गलत नहीं होगा कि यह लड़ाई जो है अपने अस्तित्व को बचाकर रखने की है अपने परंपरा अपने कल्चर को बचाने की है अपने धर्म को बचाने की है तो दूसरी और यह भी कहा जा सकता है कि अपने जो कलर है उसे खोकर फिर वापस पाने की लड़ाई है क्योंकि इसराइल कहता है कि यहां पर पहले हम रहते थे तुम लोगों ने कब्जा करके अपना कल्चर शुरू किया है तो फिलिस्तीन कहता है कि जब UNA बांटा था तब यहां पर सबसे ज्यादा स्पेस हमारा था

