Animal Film नहीं बल्कि हमारे "समाज के लिए बीमारी है "संसद में उठी एनिमल फिल्म को 'बैन' करने की मांग

 एनिमल इस साल की सबसे बड़ी फिल्म है और एनिमल फिल्म की कमाई की बात करें तो 7 दिनों में लगभग 380 करोड रुपए कमा चुकी है और वर्ल्डवाइड की बात करें तो लगभग 600 करोड रुपए कमा चुकी है और फिल्म बहुत ही ज्यादा हिट जा रही है



इस फिल्म को बंद करने की बात संसद में तब उठी जब एक सांसद रंजीता रंजन ने इस फिल्म के बारे में बात की उन्होंने कहा कि जब मेरी बेटी जो की सेकंड ईयर में पढ़ती है वह इस फिल्म को देखने गई थी और फिल्म को लगभग आधा देखा यानी कि एक से डेढ़ घंटे देखा और उसके बाद वह उठकर चली गई और रोने लगी यानी कि इस फिल्म में जो डोमेस्टिक वायलेंस जो महिला हिंसा को दिखाया गया है और सेंसर बोर्ड इन जैसे फिल्मों जैसे पुष्पा और एनिमल जैसे फिल्मों को जो की अल्फा मेल फिल्में है इन सभी को प्रमोट करती है वह हमारे समाज के लिए ठीक नहीं है



आज के जमाना में ऐसी घटिया और वाहियात कॉन्सेप्ट पर बनी फिल्मों को लोग देखते हैं और खासकर युवाएं जो की फर्स्ट या सेकंड थर्ड ईयर में पढ़ रहे हैं वह सब इन सब फिल्मों को देखते हैं और ऐसे एक्टर द्वारा इन फिल्मों को दिखाए जाते हैं जो कि उनके अनुसरण करते हैं लोग उनके द्वारा ऐसी फिल्मों को दिखाए जाते हैं और इसी से बच्चों के मानसिक पर गलत असर पड़ता है और इस तरीके का आज के सोसाइटी में फिल्में दिखाना वाहियात कौन सी फिल्मों को दिखाना जिसमें वायलेंस को दिखाया गया है इस तरीके का फिल्में आज के समाज के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है|



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