राष्ट्रपति तो कोई भी बन सकते हैं लेकिन क्या एपीजे जैसा राष्ट्रपति बनना संभव है अक्सर जब राष्ट्रपति की ओहदा को देखोगे तब आपको एपीजे कलाम याद ही आएंगे क्योंकि यह अमर है हमारे भारत वासियों के लिए जो इन्होंने भारत के लिए किया है वह भूलने के योग्य नहीं है और इस उपकार को कोई भारतवासी भूल नहीं सकता है जो कलम जी ने करके दिखाया है इन्हें यूं ही नहीं मिसाइल मैन कहा जाता है क्योंकि उनकी जो जीवन है वह इतनी आसान नहीं थी और इन्होंने अपने बौद्धिकता से भारत को हथियार के क्षेत्र में इतना बड़ा तोहफा दिया है इसे कोई नहीं भूल सकता है
चलिए आपको कुछ उनके बारे में जानकारी बताते हैं यह भारत के 11 में राष्ट्रपति और वैज्ञानिक हैं और उनकी जयंती हर वर्ष 15 अक्टूबर को मनाया जाता है और इनका जन्म रामेश्वरम में हुआ था इनकी कहानी सुनेंगे तो आप बिल्कुल एक फिल्म के हीरो जैसा अनुभव पाएंगे क्योंकि इनकी साधारण कहानी नहीं है यह सुपर द सुपर रियल हीरो है क्योंकि इनका जो कहानी है वह प्रेरणादायक है और आज लाखों युवाओं के प्रेरणा के स्रोत बन चुके हैं डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम क्योंकि इनका जो कारनामा है वह वर्णन नहीं किया जा सकता है क्योंकि एक रामेश्वरम में मध्यम वर्ग परिवार में जन्म हुआ लड़का जो की बचपन से पायलट बनने का सपना देखा है और आखिर वह दिन आता है जब एग्जाम देने जाते हैं या और फिर वह फेल हो जाते हैं और एग्जाम देने जाने तक के भी पैसे नहीं थे लेकिन फिर भी अपने बहन के ज्वेलरी पैसे बेचकर यह एग्जाम देने के लिए आए थे लेकिन इनको असफलता मिलने के कारण
एक दिन निराश होकर ऋषिकेश चले गए और वहां पर किनारे में बैठे हुए थे किसी एकांत जगह पर और उनकी मुलाकात शिवानंद से हुई और उनके मार्गदर्शन के द्वारा एपीजे कलाम वैज्ञानिक बनने की राह तलाश ली और फिर वह भारत के मिसाइल मैन का गए क्योंकि उन्होंने भारत के लिए बहुत बड़ी-बड़ी मिसाइल बनाया बम बनाया और इस तरह उनकी सफलता की कहानी आपको देखने को मिलेगी तो कैसा लगा कहानी है ना बिल्कुल एकदम सुपर हीरो जैसी कहानी आजकल के फिल्मों में भी ऐसी कहानी देखने को नहीं मिलेगी क्योंकि कोई लाखों करोड़ों में एक व्यक्ति होता है जो इतना तेज बुद्धि वाला इतना ज्ञानी होता है |

